जो प्राप्त है, वह पर्याप्त है
महाभारत का एक बहुत ही विशिष्ट पात्र हैं कर्ण। वह एक विरल वीर और दानी थे लेकिन इतिहास में वह […]
जो प्राप्त है, वह पर्याप्त है Read More »
महाभारत का एक बहुत ही विशिष्ट पात्र हैं कर्ण। वह एक विरल वीर और दानी थे लेकिन इतिहास में वह […]
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एक पाँच साल का बच्चा अपने नए फुटबॉल लेकर बड़े उत्साह से दौड़ता हुआ अपनी माँ के पास गया। व्हीलचेयर
“नहीं है” की सोच हम मनुष्यों की एक सामान्य प्रवृति होती है कि हम उन चीजों पर अधिक ध्यान देते
ऋषि ऋष्यशृंग का अन्य नाम शृंगी ऋषि भी था। इस नाम का कारण यह था कि जन्म से ही उनके
ऋष्यशृंग: एक अद्भुत ऋषि जिनके सिर पर शृंग था और जिन्होने कभी स्त्री नहीं देखा था Read More »
पंचकन्या अहल्या द्रौपदी तारा कुंती मंदोदरी तथा। पंचकन्या: स्मरेतन्नित्यं महापातकनाशम्॥– ब्रह्म पुराण3.7.219 अर्थात अहिल्या (ऋषि गौतम की पत्नी), द्रौपदी (पांडवों की
अहल्या: एक लांछित सती Read More »
एक पाँच साल का बच्चा अपने नए फुटबॉल लेकर बड़े उत्साह से दौड़ता हुआ अपनी माँ के पास गया। व्हीलचेयर
“अपूर्ण” ही वास्तव में “संपूर्ण” है Read More »
“पर्व आते हैं, चले जाते हैं; रस कहाँ हृदय में, पैसे कहाँ जेब में; ताकि मैं उसका स्वागत करूँ!” बहुतों
पर्व आते हैं, चले जाते हैं Read More »