शरीर में आयरन की कमी: लक्षण और उपचार

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विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया भर में लगभग दो अरब लोग एनीमिया से पीड़ित हैं। यह दुनिया का सबसे आम पोषण संबंधी समस्या है। एनीमिया यानि रक्त की कमी का सबसे प्रमुख कारण है शरीर में आयरन की कमी हालांकि कई अन्य कारण भी इसके लिए जिम्मेदार होते हैं।

साधारण भाषा में कहें तो आयरन यानि लोहा शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का एक मुख्य घटक होता है। लाल रक्त कोशिका का सबसे महत्वपूर्ण घटक होता है हीमोग्लोबिन। यह वह तत्व होता है जिसके कारण रक्त का रंग लाल होता है। हीमोग्लोबिन का सबसे महत्वपूर्ण कार्य होता है रक्त के साथ जाकर शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीज़न पहुंचाना। हीमोग्लोबिन का निर्माण अस्थि मज्जा में होता है किन्तु इसके लिए अस्थि मज्जा को आयरन की जरूरत होती है। अगर आयरन पर्याप्त मात्रा में नहीं उपलब्ध होती है तो हीमोब्लोबिन का उत्पादन भी पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पाता है। 

स्पष्ट है कि आयरन की कमी से हीमोग्लोबिन की कमी हो जाएगी यानि शरीर में रक्त कम हो जाएगा और इसे उतना ऑक्सीज़न नहीं मिल पाएगा जितने की उसे जरूरत होती है।

आयरन की कमी और इसके कारण शरीर में रक्त और ऑक्सीज़न की कमी के कारण कई समस्याएँ उत्पन्न हो जाती है। उदाहरण के लिए हमेशा कमजोरी एवं थकान महसूस होना, सांस लेने में दिक्कत, चक्कर आना आदि। इसे ही एनीमिया कहते हैं। रक्त की कमी के कारण हृदय गति का बढ़ाना, त्वचा का पीला पड़ना आदि लक्षण भी

दिख सकते हैं। कुछ लोगों में नाखून का मुड़ जाना, मुंह में दरारें या घाव होना और यहाँ तक कि अजीब चीजों को खाने की इच्छा होना भी देखा गया है।

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एनीमिया पुरुष, स्त्री या बच्चे- किसी को भी हो सकता है लेकिन यह स्त्रियों में अधिक सामान्य है। गर्भ के दौरान माँ को रक्त की अधिक आवश्यकता होती है इसलिए इस दौरान अगर आयरन की कमी हो तो होने वाले शिशु में समस्याएँ दिख सकती है।

आयरन की कमी समान्यतः कोई बीमारी नहीं बल्कि बीमारियों का कारण होता है। दिनचर्या एवं खानपान में थोड़ा सा सुधार कर इससे बचा जा सकता है। इसका सबसे आसान उपाय तो है आयरन से भरपूर आहार भोजन में शामिल करना। हरी पत्तीदार सब्जियाँ, दालें, बीन्स, सूखे मेवे आदि आयरन के सामान्य स्रोत हैं।

अगर आयरन की कमी गंभीर स्तर की है या पाचन से संबन्धित कोई समस्या है तब आयरन की गोलियां और फूड सप्लिमेंट लेने की जरूरत पड़ सकती है।

लेकिन जितनी यह समस्या आम है उतनी की आसानी से खानपान का थोड़ा ध्यान रख कर इससे बचा रहा जा सकता है और थकी हुई सुस्त जिंदगी में रफ्तार आ सकती है।  

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